लोथल


      लोथल गुजरात के अहमदाबाद जिले में भोगवा नदी के किनारे सरागवाला ग्राम के समीप स्थित है।
۞    इस स्थल से समकालीन सभ्यता के पांच स्तर पाए गए हैं।
۞    लोथल का ऊपरी नगर विषम चतुर्भुजाकार था।
۞    यह एकमात्र ऐसा स्थान है जहां कृत्रिम बंदरगाह का अवशेष प्राप्त हुआ है। यह गोदी समुद्री आवागमन तथा व्यापार के लिए महत्वपूर्ण थी।
हड़प्पा सभ्यता के स्थल
     स्थल               नदी/सागर तट              उत्खननकर्ता
     हड़प्पा              रावी नदी                        दयाराम साहनी
     मोहनजोदड़ो           सिंधु नदी                        राखलदास बनर्जी
     लोथल              भोगवा नदी                एस. आर. राव
     कालीबंगा             घग्घर नदी                       अमलानन्द घोष
     रोपड़               सतलज नदी                यज्ञ दत्त शर्मा
     कोटदीजी             सिंधु नदी                        फजल अहमद खां
     चन्हुदड़ो             सिंधु नदी                        एन. जी. मजूमदार
     रंगपुर              मादर नदी                       एम.एस. वत्स
     आलमगीरपुर          हिन्डन नदी                यज्ञ दत्त शर्मा
     सुत्कागेनडोर          दाश्क नदी                 ओरेल स्टाइन
     बनवाली             सरस्वती नदी               रवीन्द्र सिंह विस्ट

۞    1800 ई.पू. के चावल के अवशेष यहां से प्राप्त हुये हैं।
۞    इस स्थल से अग्नि पूजा के साक्ष्य मिले हैं।
۞    यहां घोड़े की एक संदिग्ध लघु मृण मूर्ति प्राप्त हुई है।
۞    यहां मनकों का एक कारखाना मिला है।
۞    इस स्थल से एक ऐसी मुहर मिली है जिस पर जहाज का चित्र अंकित है।
۞    यहां से युगल शवाधान की प्राप्ति हुई है जिसके सिर पूर्व में तथा पैर पश्चिम में है और वे करवट लेते हुए हैं।
۞    शतरंज जैसा खेल का साक्ष्य यहां से प्राप्त हुआ है।
۞    फारस की खाड़ी के प्रदेश वाली मुद्रा यहां से मिली है।
۞    लोथल को लघु हड़प्पा या लघु मोहनजोदड़ो भी कहा जाता है। यहां पूरी बस्ती एक ही दीवार से घिरी थी
۞    यहां से एक जार पर चित्रकारी का साक्ष्य मिला है जो पंचतंत्र के चालाक लोमड़ी की कहानी के सादृश्य है।
۞    चिकित्सकीय विश्वास, खोपड़ी की शल्य चिकित्सा का साक्ष्य यहां से मिला है।
۞    यहां से कांसे की छड़, ताम्बे की मुहर तथा ताम्बे का कुत्ता प्राप्त हुआ है।
۞    अन्न पीसने की चक्की मिली है।
۞    बाजरे के कुछ दाने की प्राप्ति यहां से हुई है।
۞    हाथी दांत का स्केल इस स्थल से मिला है।
۞    लोथल से नारी मृणमूर्तियां की प्राप्ति नहीं हुई है।

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